के बाद आपको राजा मानें, मगर शर्त यह है कि काम हो जाने पर भी हमारे मजहब मुसलमानी को कबूल करें? क्रूरसिंह – अगर है तो तुम्हारी शर्त मैं दिलोजान से कबूल करता हूँ। अहमद – तो बस ठीक है, आप इस बात का एकरारनामा लिख कर मेरे हवाले करें, मैं सब मुसलमान भाइयों को दिखला कर उन्हें अपने साथ मिला लूंगा। क्रूरसिंह ने काम हो जाने पर मुसलमानी मजहब अख्तियार करने का एकरारनामा लिख कर फौरन नाजिम और अहमद के हवाले किया, जिस पर अहमद ने क्रूरसिंह से कहा, “अब सब मुसलमानों को एक दिल कर लेना हम लोगों के जिम्मे है, इसके लिए आप कुछ न सोचिये, हाँ हम दोनों आदमियों के लिए भी एक एकरारनामा इस बात का हो जाना चाहिये कि आपके राजा होने पर हमीं दोनों वजीर मुकर्रर किये जायंगे, और तब हम लोगों की चालाकी का तमाशा देखिये कि बात की बात में जमाना कैसे उलट पुलट कर देते हैं!” क्रूरसिंह ने झटपट


7 of 692

तो सिर्फ़ अपनी ताकत का भरोसा है लेकिन तुमको अपनी ताकत और ऐयारी दोनों का। तेजसिंह – मुझे यह भी पता लगा है कि हाल ही में क्रूरसिंह के दोनों ऐयार नाजिंम और अहमद यहां आकर पुन: हमारे महाराज का दर्शन कर गये हैं। न मालूम किस चालाकी में आये थे? अफसोस उस वक्त मैं यहां न था। वीरेन्द्र – मुश्किल तो यह है कि तुम क्रूरसिंह के दोनों ऐयारों को फंसाया चाहते हो और वे लोग तुम्हारी गिरफ्तारी की फिक्र में हैं, परमेश्वर ही कुशल करे। खैर अब तुम जाओ और जिस तरह बने चन्द्रकान्ता से मेरी मुलाकात का बन्दोबस्त करो। तेजसिंह फौरन


7 of 1085